• आरज़ू ने दिया 5 लाख में पक्का घर।

    मुंबई। आरज़ू संस्था द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शुरु की गई सस्ता घर योजना मुंबईकरों के लिए वरदान साबित हो रही है।

    संस्था मुंबई के आसपास के क्षेत्रों में 5 लाख रुपये में घर उपलब्ध करा रही है।


    भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी  व आरज़ू के संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र महेता द्वारा  मराठी पत्रकार संध भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में  सस्ता घर योजना
    के  जानकारी दी गई।


    उन्होंने बताया कि खरबाओ रेल्वे स्टेशन के पास(Diva-Vasai  rail line ) वन  रुम किचन 5 लाख ₹ में और वन  बेडरूम हाल किचन 6लाख ₹ में   दिया जाएगा ( 2 हजार रुपये वर्ग फुट कारपेट एरिया)  बाहर  इस फ्लैट की कीमत 12 से 14लाख है।

    21अप्रेल 2019 को आरजू संस्था द्वारा रेड्डी मकान की चाभी दी जाएगी और नई बिल्डिंग का भूमि पूजन होगा।

     बाबूभाई भवानजी और राजेंद्र महेता ने आरज़ू नामक एन.जी.ओ. के माध्यम से सेल्फ़ डेवलपमेंट स्कीम के तहत सस्ता घर योजना (एफर्डेबल होम) स्कीम शुरु की है।

    इस स्कीम के बारे में जानकारी देते हुए भवानजी और राजेन्द्र मेहता ने पत्रकारों को बताया कि इस योजना के तहत  कल्याण और विरार से आगे लोकल रेल के स्टेशनों के पास एेसी बहुमंजिला इमारतें बनायी जायेगी जिसमें 300 वर्ग फ़ुट कारपेट एरिया का फ्लेट लोगों को लगभग 6 लाख रुपये में दिया जायेगा।

    इन घरों का बाज़ार भाव 14 लाख से अधिक है।

    इसी प्रकार मुंबई और उपनगरों में झोपड़पट्टियों का विकास करके(SRA) झोपड़ावासियों को मुफ्त में 300 वर्ग फ़ुट कारपेट एरिया का  फ्लेट दिया जायेगा।

    इसके साथ ही विकसित ज़मीन पर बनी बहुमंजिला इमारतों में आम लोगों को भी 300 वर्ग फ़ुट का फ्लेट  25 से 30 लाख रुपये में दिया जायेगा इन घरों का बाज़ार भाव 60 से 70 लाख से ऊपर है।

    पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का 2 लाख  67 रुपये की अनुदान भी मिलेगा।

    जो लोग इस योजना में शामिल होना चाहते है उनके पास अपना ख़ुद का घर नहीं होना चाहिए। फ्लैट की कुल कीमत का  20  प्रतिशत पैसा उनके खाते खाते में होना जरूरी है।

    बाक़ी पैसा  बैंकों से लोन के रुप में मिल जायेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस योजना को जी.एस.टी. तथा रजिस्ट्रेशन से मुक्त रखा जाये ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोग भी इस योजना से लाभ उठा सके।

    भवानजी और राजेन्द्र मेहता ने पत्रकारों को बताया कि इस योजना के तहत कांदिवली पश्चिम स्थित गणेश नगर और  भांडुप में  झोपड़पट्टी का पुनर्वसन करने का काम शुरु हो रहा है।

    युति सरकार के समय शिवशाही पुनर्वसन प्रकल्प के माध्यम से मुंबई को झोपडा मुक्त करने का काम शुरु हुआ था लेकिन आज तक दस प्रतिशत से ज़्यादा मुंबई की झोपड़पट्टियों  का विकास नहीं हो सका।

    स्थानीय गुंडों की गुंडागर्दी लोकप्रतिनिधियों की दख़लंदाज़ी, सरकारी बाबुओं की रिश्वत खोरी,
    कमेटी मेंबरों की लालच, और भगोड़े बिल्डर आदि एेसे अनेक कारण है जिसके कारण झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन में बाधा आयी।

    प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से शहरी ग़रीबों को घर देने की योजना पर काम शुरु हुआ है।

     इस बीच सरकार ने रेरा क़ानून लाकर हाउसिंग सेक्टर को चुस्त दुरुस्त करने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद हाउसिंग सेक्टर में पूरी तरह से काम ठप्प है।

    इससे न तो ग़रीबों को घर मिलरहा है और न ही मुंबई झोंपड़ा मुक्त हो रही है।

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