• तीन सौ रोगों से लड़ता है सहजन

    सहजन ( ड्रमस्टिक्स)  में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं .इसे इस युग की संजीवनी कहा जाता है . इसका फल,फूल ,छाल और पत्तियां सब औषधीय गुणों से भरपूर हैं .



    वनस्पति शास्त्र की भाषा में इसे  मोरिंगा ओलिफेरा कहते हैं. इसमें तीन सौ से अधिक रोगों से लड़ने की क्षमता होती है .
     दुनिया के तमाम देशों में इसका इस्तेमाल विभिन्न रूपों में किया जाता है .इसमें दूध से भी अधिक कैल्सियम और प्रोटीन मिलता है . हैजा ,दस्त ,पेंचिश, पीलिया, जैसी तमाम बीमारियों में इसके पत्ते का रस बहुत फायदेमंद होता है .पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में यह विशेष उपयोगी है . इसके बीज से तेल निकाला जाता है और फली का इस्तेमाल आचार या चटनी के रूप में भी होता है . दक्षिण भारत के लोग अपने खाने में सहजन का इस्तेमाल विशेष रूप से करते हैं .

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